सोमवार, 29 जुलाई 2013

केटरीना कैफ ओर रणबीर कपूर की नजदीकिया। ……


केटरीना कैफ ओर रणबीर कपूर की नजदीकिया। …… 

जिस मीडिया को देखो वो केटरीना कैफ ओर रणबीर कपूर के पीछे हाथ धो के पड़ा हुआ हे। …. अरे भाई उनकी अपनी भी तो जिन्दगी हे। …. आप किसी भी लड़की को देखो…. तो ठीक। … किसी के साथ घूमो तो ठीक। …. कोई ओर ये करे तो। ।जिस को देखो वो लगा हे। … उनकी जिंदगी के पिचे… आप या मै कोन  होते हे ये सूनिश्चित करने वाले की किस को किस के साथ रहना चाहिए या नहीं। …। हम लोगो को दरशल  चौधरी बनने  में बड़ा मज़ा आता हे। …. .

शनिवार, 27 जुलाई 2013

नजरिया उनका फजीहत हमारी …।

नजरिया उनका फजीहत हमारी …।

देश में इनदिनों अजीब सी….  बयार चली हे ………. हर कोई अब हिंदुस्तान में बयान वीर हो चला हे ……. अब आप ही बताओ की कैसे संभव हे 5 या  १२ रु में भर पेट भोजन ………… एक सबसे बड़ा सच  भी हे की जो लोग ये बयानबाज़ी कर रहे हे वो कोई भी सीनियर पोलिटिशियन नहीं हे सब का दर्जा 5 या 12 रु वाला ही हे
ऐसा लगता हे जैसे ये एक तयशुदा  कार्यक्रम हे एक गेंद उछाली गई हे जिसे हर कोई अपने -अपने हिसाब से उछालरहे हे …। नेताओ ने इसकी शुरुआत की मीडिया इसे आगे बड़ा रहा हे …। मीडिया  कवरेज पाने की चक्कर में नेताओ ने इसे मजाक बना रखा हे  …. 

गुरुवार, 25 जुलाई 2013

गरीबी ओर उसका सच

गरीबी ओर उसका सच 


सरकार का कहना हे …। गरीब वो हे जो दिन में 33 रु रोज से कम  खर्च करता हे … इसका हे. मतलब यदि आप इससे ज्यादा खर्च करते हो तो …क्या आप अमीरों की लिस्ट में आ गए हो …. ये भी तो बड़ा सवाल हे …. यदि आप आमिर हो तो … आप किस दर्जे के आमिर हो … इसका जवाब कोण देगा ओर कोन ये तय करेगा …
सीधा -सीधा अगर हिसाब समझे तो सरकारी गरीब की परिभाषा के अनुसार वो व्यक्ति जिसकी सालाना आय रु. 1200 से कम हे वो गरीब हे ….
तो अमीरी की परिभाषा क्या हे …. दरशलअमीरी ओर गरीबी का सबसे बड़ा अंतर ये हे की आदमी गरीबी को महसूस करता हे उसको भोगता हे …। लेकिन अमीरी तो दुसरो पे रुबाब झाड़ने ओर दीखाने की चीज़ …

गरीब के पास यदि तन भर कपडा नहीं हे तो भी वो उसको ढकने की कोशिश करता हे लेकिन कम कपडे पहन कर लोग अपने आप को आमिर कहलाना पसंद करते हे…. सरकार यदि आकड़ो की जुगलबंदी बंद करके सही दिशा में अपने कदम बडाये तो आने वाले 20 सालो में गरीबी … कम हो सकती हे…

क्या आपने कभी गरीबी की रेखा देखि हे …।  नहीं

दरशल गरीबी की रेखा वो हे जंहा धरती ओर आकाश आपस में मिलते हे … उससे जिस रेखा का निर्माण होता हे वो गरीबी की रेखा हे …। अब आप अंदाजा लगा सकते हे




मंगलवार, 9 जुलाई 2013

देश को बर्बाद करती दलगत राजनीती

 देश को बर्बाद करती दलगत राजनीती

देश  में जिस तरह से लोकल पार्टी अपना -अपना राग अलाप रही हे  उसको देखते हुए यही लगता हे की सबको सिर्फ अपने चुनाव  एरिया के आलावा  ओर ओर कुछ नही सूझता .  हर तरफ जहा देखो वही यही हालात हे बंगाल की बात की  जाये तो वंहा ममता अंटी अपना राग अलाप रही हे। बिहार में लालू ओर नितीश अंकल अपनी अलग कबड्डी खेल रहे हे . चाहे बात साउथ की हो   या  पंजाब की हर जगह यही हालत हे .....हर किसी को सिर्फ अपनी -अपनी पड़ी हे .......देश की तरक्की के लिए सबसे ज्यादा जरुरी हे की कोई एक पार्टी बहुमत हासिल करे  लेकिन ये ये एक सपने जैसा हे .

सोमवार, 8 जुलाई 2013

म . प्र . सरकार ओर बेटा बचाव अभियान ............

म . प्र . सरकार ओर बेटा बचाव अभियान ............

म . प्र . सरकार के वित्त मंत्री श्री श्री राघव जी के इस सि .डी . कांड के बाद शायद  म . प्र . सरकार पर ओर वित्तीय बोझ बड सकता हे . सरकार को अब बेटी बचाव के साथ -साथ अब बेटा बचाव अभियान भी चलाना पड़ेगा ....वैसे ही नेशनल क्राइम रिपोर्ट के अनुसार म . प्र . में सबसे ज्यादा दुराचार दर्ज हुए हे , अब प्रदेश में बेटे भी सुरक्षित नहीं हे .

शनिवार, 6 जुलाई 2013

तरकश: भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"

तरकश: भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा": 280 लाख करोड़ का सवाल है ... भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"* ये कहना है स्विस बैंक के डाइरेक्टर का. स्विस बैंक के...

भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"

280 लाख करोड़ का सवाल है ...
भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश
कभी गरीब नहीं रहा"* ये कहना है
स्विस बैंक के डाइरेक्टर का.
स्विस बैंक के डाइरेक्टर ने यह
भी कहा है कि भारत का लगभग 280
लाख करोड़ रुपये
(280 ,00 ,000 ,000 ,000) उनके
स्विस बैंक में जमा है. ये रकम
इतनी है कि भारत का आने वाले 30
सालों का बजट बिना टैक्स के
बनाया जा सकता है. या यूँ कहें
कि 60 करोड़ रोजगार के अवसर दिए
जा सकते है. या यूँ भी कह सकते है
कि भारत के किसी भी गाँव से
दिल्ली तक 4 लेन रोड
बनाया जा सकता है. ऐसा भी कह सकते
है कि 500 से ज्यादा सामाजिक
प्रोजेक्ट पूर्ण किये जा सकते
है. ये रकम इतनी ज्यादा है कि अगर
हर भारतीय को 2000 रुपये हर
महीने भी दिए जाये तो 60 साल तक
ख़त्म ना हो. यानी भारत
को किसी वर्ल्ड बैंक से लोन लेने
कि कोई जरुरत नहीं है.
जरा सोचिये ... हमारे भ्रष्ट
राजनेताओं और नोकरशाहों ने कैसे
देश को लूटा है और ये लूट
का सिलसिला अभी तक 2013 तक
जारी है. इस सिलसिले को अब
रोकना बहुत
ज्यादा जरूरी हो गया है.
अंग्रेजो ने हमारे भारत पर करीब
200 सालो तक राज करके करीब 1 लाख
करोड़ रुपये लूटा. मगर आजादी के
केवल 65 सालों में हमारे
भ्रस्टाचार ने 280 लाख करोड़
लूटा है. एक तरफ 200 साल में 1
लाख करोड़ है और दूसरी तरफ केवल
65 सालों में 280 लाख करोड़ है.
यानि हर साल लगभग 4.37 लाख करोड़,
या हर महीने करीब 36 हजार करोड़
भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में इन
भ्रष्ट लोगों द्वारा जमा करवाई
गई है. भारत को किसी वर्ल्ड बैंक
के लोन की कोई दरकार नहीं है.
सोचो की कितना पैसा हमारे भ्रष्ट
राजनेताओं और उच्च
अधिकारीयों ने ब्लाक करके
रखा हुआ है. हमे भ्रस्ट
राजनेताओं और भ्रष्ट
अधिकारीयों के खिलाफ जाने
का पूर्ण अधिकार है.हाल ही में
हुवे घोटालों का आप
सभी को पता ही है - CWG घोटाला, २
जी स्पेक्ट्रुम घोटाला , आदर्श
होउसिंग घोटाला... और ना जाने कौन
कौन से घोटाले अभी उजागर होने
वाले है ........