शनिवार, 29 जून 2013

अब भगवान् ही कुछ करे ....

देश का सबसे ज्यादा दौलतमंद मंदिर
तिरुपति बालाजीका मंदिर है इस मंदिर
की कुल
संपत्ति 5200 करोड़ रुपए है,
शिरडी साईं
बाबा का मंदिर आय के मामले में भारत
का दूसरा सबसे दौलतमंद मंदिर है, तीसरे
नंबर पर
माता वैष्णों देवी का मंदिर है
जिसकी सालाना आय
500 करोड़ रुपए है,
जबकि सिद्धि विनायक
मंदिर
को 46 करोड़ रुपए सालाना दान में
मिलते
हैं।
उत्तराखंड की भयानक त्रासदी के कई
दिन
बाद
भी किसी धर्मस्थल के
प्रबंधकों द्वारा पीड़ितों के
पुनर्वास के लिए किसी बड़े
सहायता कार्यक्रम
की शुरुआत नहीं की है. मंदिरों के पास
जो अकूत दौलत
है वो जनता की संपत्ति है. उसका जनहित
में
इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा धार्मिक और
मानवीय
कर्म होगा आखिर धन के खजाने में पडे रहने
या उसका गलत इस्तेमाल करने को कैसे
स्वीकर
किया जा सकता है जबकि लोग मर रहे हैं?
Pls share it ...

सोमवार, 24 जून 2013

मोबाइल ऑपटरेर्स की नई निति ओर उपभोग्ता ............................

मोबाइल ऑपरेर्स की नई निति ओर उपभोग्ता ............................

पिछले कुछ दिनों से आप जब भी  किसी को कॉल करते  हे  तो आप को फ़ोन पर कॉल लगने से पहले काफी देर तक कभी न्यूज़ सुनाई देती होगी तो कभी बॉलीवुड की स्टोरी सुनाई  होगी ,  दरसल मोबा . ऑपरेटर्स कमाई के नए -नए तरीके ईजाद कर  रहे हे ...आने वाले दिनों  में आपको  होसकता हे की कंपनियो के एड भी सुनने को मिले दरसल  ये ऑपरेर्स इससे गाड़ी कमाई की प्लानिंग कर चुके हे ...आप  अपने मोब. के बैलेंस को चेक करते रहे आप को पता लग जाएगा . 

रविवार, 23 जून 2013

इंदौर से केदारनाथ के लिए रवाना 2 2 लोगो का जत्था सकुशल लोटा .......

इंदौर से केदारनाथ के लिए   रवाना  2 2  लोगो  का जत्था सकुशल लोटा .......


इंदौर से केदारनाथ के लिए   रवाना  2 2  लोगो  का जत्था आज तक़रीबन 1  बजे निजामूदीन एक्सप्रेस से सकुशल इंदौर पंहुचा , सकुशल  पहुचे यात्रियों में से एक यात्री  श्री सी .एल .यादव ने बताया की  बहुत तकलीफों  को पार करके यंहा तक पहुचे  हे . श्री यादव के अनुसार जब उनका   दल ता , 1 6  कों  केदारनाथ की  ओर बड़ने लगा , तब  वो जैसे ही आगे  बड़े रास्ते में जाम मीला ओर खबर मिली की वंहा काफी तबाही हुई हे ओर रास्ते भी कट गए हे . ...तो फिर जैसे तैसे वंहा से  वापस आये यादव जी के अनुसार वंहा के हालात अभी  भी वैसे ही बने हुए हे हर तरफ तबाही मची हुई हे .....लोकल कनवेंस की सरकार की ओर से कोई वयवस्था नहीं हे लोकल आपरेटर मनचाहा पैसा वसूल रहे रहे हे .....

शुक्रवार, 21 जून 2013

उत्तराखंड ओर भीषण तबाही

उत्तराखंड की भीषण तबाही का अंदाजा लगापाना  लगभग नामुमकिन सा लगता हे प्रत्याख्दार्शियो के  अनुसार वंहा  हर तरफ सिर्फ तबाही का ही आलम हे. जन्हा पहले सड़के और रहवासी इलाका हुआ करता था अब सिर्फ वंहा सुनसान हे. अभी भी लगभग २ ५ हजार यात्रियों के वंहा फेज होने का अंदाजा हे . आकड़ो के अनुसार तबाही वाली रात तक़रीबन ३ ० हजार लोगो के वंहा होने का अंदाजा लगाया जा रहा  हे .अब तक केवल १ ० हजार लोगो को बचाया जा सका हे . एक आकडे के अनुसार केदारनाथ से लेकर उत्तराखंड तक लगभग २ ५ ० होटल हे. जो  लोग वंहा बचे हे बमुश्किल जिन्दगी ओर मौत के बिच जिन्दा हे . एकतरफ तो बचाओ ओर रहत कार्यो की अपनी जद्दोजहद चल रही हे ओर दूसरी तरफ खाने के पैकेटो के लिए लूटपाट मची हुई हे कुछ प्रत्क्ष्दार्शियो के अनुसार लोग वंहा लाशो से गहने चुराने से भी बाज नहीं आरहे हे. 
एक यात्री ने हमें ये तबाही हे फुटेज पहुचाया हे 

http://youtu.be/VIJhD7zcefM

बुधवार, 19 जून 2013

म. प्र. सरकार ओर लीव इन रिलेशनशिप

म. प्र. सरकार ओर लीव इन रिलेशनशिप अगर ये प्रस्ताव कैबिनेट में पास हो गया तो शिवराज सरकार के बेटी बचाओ अभियान का क्या होगा ...

मंगलवार, 18 जून 2013

चुनावी मौसम में फेसबुक और व्हाट्स अप पे जंग हुई तेज.

चुनावी मौसम में फेसबुक और व्हाट्स अप पे जंग हुई तेज. जैसे -जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हे अब सोशल वेब साईट पे ये जंग काफी तेजी से बड रही है . इस जंग का हाल यह है की ये नेता ओर पार्टी से आगे निकलकर अब धर्मो पे आ गई हे ।हर कोई किसी न किसी को निचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता ……क़ोइ मोदी को कोसता नज़र आता हे तो कोई सोनिया गाँधी ओर राहुल गाँधी को …हर धर्म का आदमी अपने को सही ओर दुसरे को गलत साबित करने में लगा हुआ हे . दरसल ये सुनियोजित तरीके से की गई एक प्लानिंग का हिस्सा हे. इसे चुनाव की तैयारियों का एक हिस्सा माना जाना चाहिए ...

रविवार, 16 जून 2013

अजीब दास्ता हे ये ........सतरा साल पुराना भाजपा और जदयू का रिश्ता टुटा

अजीब  दास्ता  हे ये ........सतरा साल पुराना भाजपा  और जदयू   का रिश्ता  टुटा

आख़िरकार ....वो समय आ ही ग़या जब नरेन्द्र मोदी  के बड़े हुए कद को घटने घटाने का प्रयास हर तरफ़   होना शुरु हो गया हे ....कुछ पार्टी ये कहने से भी नहीं चुक रही हे की मोदी सेकुलर हे जिससे समाज समाज का एक तबका भय में हे .......आज भी हमारे नेता ये समझते हे की एक करोड़ की जनसंक्या से भी ज्यादा वाला ये देश जो ये बोलेंगे  वो ही सुनेंगे एक आदमी कैसे समाज के एक बड़े तबके के लिए खतरा हो  सकता ......दरशल .....डर  और दबाव की राजनीति के बीच हर कोई अपनी अपनी डपली अपना अपना राग  वाली कहावत  ज्यादा चरितार्थ होती नजर आ रही हे .