उत्तराखंड की भीषण तबाही का अंदाजा लगापाना लगभग नामुमकिन सा लगता हे प्रत्याख्दार्शियो के अनुसार वंहा हर तरफ सिर्फ तबाही का ही आलम हे. जन्हा पहले सड़के और रहवासी इलाका हुआ करता था अब सिर्फ वंहा सुनसान हे. अभी भी लगभग २ ५ हजार यात्रियों के वंहा फेज होने का अंदाजा हे . आकड़ो के अनुसार तबाही वाली रात तक़रीबन ३ ० हजार लोगो के वंहा होने का अंदाजा लगाया जा रहा हे .अब तक केवल १ ० हजार लोगो को बचाया जा सका हे . एक आकडे के अनुसार केदारनाथ से लेकर उत्तराखंड तक लगभग २ ५ ० होटल हे. जो लोग वंहा बचे हे बमुश्किल जिन्दगी ओर मौत के बिच जिन्दा हे . एकतरफ तो बचाओ ओर रहत कार्यो की अपनी जद्दोजहद चल रही हे ओर दूसरी तरफ खाने के पैकेटो के लिए लूटपाट मची हुई हे कुछ प्रत्क्ष्दार्शियो के अनुसार लोग वंहा लाशो से गहने चुराने से भी बाज नहीं आरहे हे.
एक यात्री ने हमें ये तबाही हे फुटेज पहुचाया हे
http://youtu.be/VIJhD7zcefM
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